Hello Poetry
  • Home
  • Privacy policy
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
  • English Poems
  • अटल बिहारी वाजपेयी जी
  • अन्य कविताओं
  • कवि बद्रीरारायण जी
  • कुमार विश्वास
  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
  • हरिवंशराय बच्चन जी

Monday, January 14, 2019

कवि और खजुराहो / अग्निशेखर - Hindi poems

 Vikas Jain     January 14, 2019     अग्निशेखर     No comments   

कवि और खजुराहो / अग्निशेखर, Hindi kavitaye
कवि और खजुराहो / अग्निशेखर



कवि और खजुराहो / अग्निशेखर

लहकती सरसों और आम्र-मंजरियों से होकर
हमने मोटरबाईक पर दौड़ते
छोड़ दिए पीछे गाय-बकरियों को चराते लोग
खेत काटतीं पसीना पोंछतीं स्त्रियाँ
पलाश की दहकती झाड़ियों
और बासों के झुरमुट से होकर
हम आम के बौर सूँघते

पहुँचे खजुराहो

हम जिन्हें रास्ते भर छोड़ आए थे पीछे
रोज़मर्रा की दुनिया में निमग्न
वे हमसे पहले पहुँच चुके थे खजुराहो
ये मिथुन मूर्तियाँ
ये अप्सराएँ और यक्षिणियाँ
अभी गा रही थीं सूरज पर खेती करने
और चाँद पर खलिहान लगाने के गीत
अभी दोहरा रही थीं
हिम्मत से हल जोतने के संकल्प
ताकि नहीं जाना पड़े
उनके सुहग को परदेस
वे गा रही थीं स्वप्न
कर रही थीं

अत्महत्याओं का प्रतिरोध

ये हैं स्त्रियाँ श्रम और राग से भरीं
उम्मीद और उमंगो में पगीं
सिरजती देहातीत

परा-भौतिक दुनियाएँ

ये मूर्तियाँ हैं केन नदी की जलतरंगे
कोई सँवरती एकान्त में
देखती आइना दूसरी
वो निकालती काँटा पाँव से
यह अलसाई नवयौवना
अंगड़ाई लेती
पुचकारती ममत्व से

पास खड़े बच्चों को

वे व्याल बिम्बों के बीच
उद्दाम मुक्तछ्न्द मैथुन करतीं
खजुराहो की मेनकाएँ
ठेंगा दिखतीं
किसी भी समाधि-सुख को

वो देखो दुल्हादेव मन्दिर के पश्चिमी कोण में
असम्भव मिथुन मुद्रा में लीन

एक अल्हड़ आदिवासिन...

लहकती सरसों और आम्र-मंजरियों से होकर
हम छोड़ते हैं खजुराहो पीछे
देखते पानी भरने जातीं
इन्हीं स्त्रियों को
जो थीं अभी दीवारों पर उकेरी गईं
गा रहीं--

"मटका न फूटे खसम मर जाए
भौंरा तेरा पानी
गज़ब कर जाए"

जवाब देती हैं बुन्देलखण्ड से उनकी बहनें--

"भूख के मरे 'बिरहा' बिसर गयो
भूल गई 'कजरी', 'कबीर'..."

रुको सारथि
कवि केशव तिवारी
उतरा मेरे करेजवा में तीर...






कवि और खजुराहो / अग्निशेखर
  • Share This:  
  •  Facebook
  •  Twitter
  •  Google+
  •  Stumble
  •  Digg
Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
Newer Post Older Post Home

0 Comments:

Post a Comment

Amazon.in

Subscribe icon

Latest updates by email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Popular Posts

  • कवि और खजुराहो / अग्निशेखर - Hindi poems
  • A Deserted Garden / Alan Seeger - Alan seeger
  • फूल और काँटा / अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

Pages

  • Home
  • Privacy policy
  • Contact us
  • About us

Blog Archive

Featured post

Follow Us

  • Twitter
  • Pinterest
  • Google+
  • Facebook

Search Here

  • Home
  • English poems
  • हरिवंशराय बच्चन जी
  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
  • कवि बद्रीरारायण जी
  • अन्य कविताएँ
  • अटल बिहारी वाजपेयी जी

Menu

  • Home
  • Privacy policy
  • About
  • Contact Us

Recent Comments

Profile

My photo
Vikas Jain
View my complete profile

Labels

Adam Lindsay Gordon (5) Adrian Green (3) Ajay Krishna (1) Alan Seeger (5) Aleister Crowley (2) Aleksandr Blok (1) Alexander Pope (1) Alexander Pushkin (2) Allen Ginsberg (1) Amy Levy (1) Amy Lowell (2) Anne Bronte (2) Anne Sexton (2) Ben jonson (2) David Lehman (2) English poems (19) James Tate (1) अखिलेश तिवारी (1) अग्निशेखर (4) अंजना भट्ट (7) अजय कृष्ण (5) अजय पाठक (2) अजित कुमार (2) अज्ञेय (1) अटल बिहारी वाजपेयी जी (12) अदम गोंडवी (1) अन्य कविताओं (4) अम्बर रंजना पाण्डेय (1) अम्बर रंजना पाण्डेय (1) अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध (1) अरुण जैमिनी (2) अल्हड़ बीकानेरी (1) अशोक चक्रधर (1) अशोक वाजपेयी (3) आलोक धन्वा (1) कवि बद्रीरारायण जी (3) काका हाथरसी (3) कुमार विश्वास (4) कुंवर नारायण (1) केदारनाथ सिहं (2) चंदबरदाई (1) दुष्यंत कुमार (1) महादेवी वर्मा (1) मुनव्वर राना (2) मैथिलीशरण गुप्त (1) रामनरेश त्रिपाठी (1) शैल चतुर्वेदी (1) सुभद्रा कुमारी चौहान (1) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (3) हरिओम पंवार (3) हरिवंशराय बच्चन जी (12)

Hello Poetry

Popular Posts

सिन्दूर लगाना ~ अम्बर रंजना पाण्डेय

Devils / Alexander Pushkin , Alexander Pushkin Poems

Copyright © Hello Poetry | Powered by Blogger
Design by Hardeep Asrani | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com | Distributed By Gooyaabi Templates